Untitled Document
| AISPA update : 6th August 2012 |
AISPA update: 6th August, 2012.
Good Afternoon Speakasians,
२० जुलाई २०१२ के पिछले अद्यतन के बाद बहुत कुछ हुआ है और हम घटनाओं को संक्षेप में प्रस्तुत करने का प्रयास करते हैं:
AISPA रिट ३६११/२०११
मुंबई हाई कोर्ट ने AISPA को आदेश दिया था सुप्रीम कोर्ट से संपर्क करके १० मई २०१२ के अवलोकन पर स्पष्टीकरण लेने के लिए, नीचे आपकी जानकारी के लिए अवलोकन की प्रतिलिपि है :
"हम स्पष्ट करते हैं कि मध्यस्थ या इस न्यायालय के समक्ष इस मामले के लंबित होने से जांच पर बाधा नहीं होगी."
तदनुसार, AISPA ने माननीय सुप्रीम कोर्ट में WP/३८३/२०११ में एक आवेदन दायर किया. उल्लेख पर, २७ जुलाई २०१२ को सुनवाई के लिए आया था.
माननीय खंडपीठ ने आवेदन ८ अगस्त को सूचीबद्ध करने के लिए आदेश दिया था . तो अब यह AISPA आवेदन ८ अगस्त २०१२, को सभी अन्य आवेदनों के साथ साथ सुना जाएगा.
AISPA रिट ३ अगस्त २०१२ को मुंबई हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए आया था. क्योंकि स्पष्टीकरण माननीय सुप्रीम कोर्ट में लंबित था और यह आवेदन ८ अगस्त २०१२ को सुने जाने की संभावना थी, माननीय मुंबई हाई कोर्ट ने इस मामले को १६ अगस्त २०१२ को स्थगित किया.
SAOL V/s RBI. WP/१५२३ /२०१२ :
हमने जाना कि कंपनी SAOL ने RBI के खिलाफ मुंबई हाई कोर्ट के मूल पक्ष में एक रिट दायर किया था इस प्रार्थना के साथ कि RBI को आदेश दिया जाए SAOL मामले में निर्णय लेने के लिए, उस आदेश के अनुसार जो १४ जुलाई २०११ को इस माननीय पीठ ने पारित किया था
इस के साथ साथ नीचे आदेश का प्रासंगिक हिस्सा परिलिपित है:
"हम तदनुसार इस याचिका का निपटान करते हैं , याचिकाकर्ताओं को अनुमति देकर RBI के मुख्य महाप्रबंधक के रिकॉर्ड पर एक प्रतिनिधित्व रखने के लिए जिसने २३ मई २०११ को परिपत्र जारी किया था
यदि इस तरह का एक प्रतिनिधित्व किया जाता है, हम RBI से कानून के अनुसार निर्णय लेने की उम्मीद रखेंगे . RBI याचिकाकर्ताओं को एक अवसर प्रस्तुत करें, एक बैठक में प्रतिनिधित्व के विषय सामग्री को समझाने के लिए, जो ख़ास उस के लिए बुलाई गयी हो.
हम जानते हैं कि कंपनी ने इस तरह का प्रतिनिधित्व किया था और RBI के साथ एक बैठक भी, सितंबर / अक्टूबर २०११ के आसपास हुई थी , लेकिन RBI द्वारा कोई निर्णय आगे नहीं आया और बात वही थम गयी.
श्री स्वप्निल कुमार द्वारा RTI के अंतर्गत पूछे गए इस प्रश्न का जवाब देते हुए, RBI ने इस बैठक की पुष्टि की है.
कंपनी रिट WP/१५२३ /२०१२ कंपनी द्वारा दायर किया गया था विशिष्ट प्रार्थना के साथ , कि माननीय हाई कोर्ट, RBI को निर्देश दें, की ऊपर दर्शाए गए आदेश के अनुसार निर्णय करें.
WP/१५२३/२०१२ का अब निपटान हो चूका है, क्योंकि RBI ने माननीय हाई कोर्ट को परिवचन दिया है कि RBI ८ सप्ताह के भीतर फैसला करेगी.
AISPA ने भी २४ जुलाई २०१२ को था इस मामले में चैंबर बुलावा CHSW/१९६ /२०१२ में एक हस्तक्षेप याचिका दायर किया था. रिट का निपटारा होने के कारण AISPA द्वारा इस आवेदन का भी निपटारा हो गया है.
हमने यह हस्तक्षेप को फाइल करना आवश्यक समझा केवल इसलिए क्योंकि हमारी राय है कि कोर्ट को इस तथ्य से परिचित किया जाए कि यह विशेष मामला न केवल एक कंपनी का RBI के साथ वाणिज्यिक विवाद के बारे में है, बल्कि इस मामले कि जटिलता इतनी फैली है कि १२ .५ लाख से अधिक कंपनी के पनेलिस्ट्स और उपभोक्ता पर सीधा प्रभाव हुआ है ,जिनका बुनियादी अस्तित्व खतरे में है और भारत के संविधान के अनुसार जिनका बुनियादी आजीविका कमाने के संवैधानिक अधिकार का घोर उल्लंघन हुआ है.
पनेलिस्ट्स और उपभोक्ता के अस्तित्व और आजीविका पर अनुचित हस्तक्षेप जारी है और नुकसान लगातार होता रहेगा तबतक, जबतक कंपनी के व्यवसाय का पुन:आरम्भ न हो और कंपनी के इन १२ .५ लाख पनेलिस्ट्स और उपभोक्ता के आजीविका कमाने का बुनियादी अधिकार उन्हें फिर से लौटाया नहीं जाए.
|
|